Covid-19 and its impact upon the civil Society
कोरोना की दूसरी लहर और "कोविड- अधिवक्ता सहायता समूह के प्रयास" कोविड-19 एक महामारी तो है ही जिससे जीवन को क्षति बड़े पैमाने पर हुई है पर साथ ही इस आपदा ने समाज में आर्थिक, सामाजिक, व्यावसायिक और मनोवैज्ञानिक स्तर को भी बहुत अधिक प्रभावित किया है। इसके प्रकोप से पीड़ित व्यक्ति को शारीरिक वेदना असीमित हुई है, जिसके कारण लाखों लोगों की मृत्यु हुई और बड़ी सँख्या में लोग अभी भी इलाज करवा रहे हैं। इस समय भी बहुत से लोग कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन करके इस संक्रमण से निजात पाने के लिए प्रयासरत हैं। गत वर्ष कोरोना महामारी की पहली वेब आई थी और तमाम प्रयासों, सावधानियों एवं दृढ़ इच्छाशक्ति के चलते इस पर नियंत्रण भी पा लिया गया था पर अप्रैल के पहले सप्ताह में कोरोना की दूसरी वेब जिस तरह से एकाएक तेजी से फैली वह बहुत ही चिंताजनक रही। यही नहीं इस बार 15 अप्रैल तक कोरोना संक्रमण अपने उच्च स्तर पर पहुंच गया। ऐसे में मेडिकल इन्फ्राइस्ट्रक्चर पूरी तरह से चरमरा गया या फिर यूँ कहें कि बैठ गया तो अतिशयोक्ति नहीं ...